आनंदपुर नर्सरी बना गैरेज, कई संदिग्ध तौर पर वाहन खड़े – वन विभाग के तैनात जिम्मेदार भी बेखबर..

कोरिया जिले के कटगोड़ी स्थित आनंदपुर नर्सरी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। नर्सरी परिसर में 5 से 7 निजी मालवाहक वाहन खड़े पाए गए हैं, जिनमें से कई कंडम और कुछ नए वाहन बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि वन विभाग के तैनात कर्मचारी को खुद इन वाहनों की जानकारी से अनभिज्ञ नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने नर्सरी परिसर में खड़े वाहनों पर सवाल उठाए हैं। वाहन किसके हैं, किस उद्देश्य से रखे गए हैं – इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। मौके पर तैनात वनकर्मियों से पूछने पर उन्होंने टालमटोल करते हुए कहा – “साहब का फोन आया था, बोले खड़ा करने दो… अब आदेश तो मानना ही पड़ेगा।”
खबर है कि वाहनों में नंबर प्लेट भी कई जगह नदारद है। खुले परिसर में ऐसे वाहनों का खड़ा होना संदिग्ध माना जा रहा है, क्योंकि आसपास अवैध गतिविधियों की शिकायतें पहले से मिलती रही हैं।
सवाल उठते हैं
आखिर किनके कहने पर ये वाहन नर्सरी में खड़े करवाए गए?
नंबर प्लेट गायब होने के बावजूद जिम्मेदार क्यों चुप हैं?
क्या नर्सरी सरकारी संपत्ति को निजी गैरेज बनाने की छूट है?
उच्च अधिकारी इस पर संज्ञान लेंगे या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा?
वन विभाग की चुप्पी और संदिग्ध वाहनों की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि विभागीय अधिकारी मामले की जांच कर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर यह मुद्दा भी भविष्य के हवाले कर दिया जाएगा।




