मनरेगा में भ्रष्टाचार उजागर,लोकपाल की जांच में दोषी उपसरपंच से 1 लाख 14 हजार 5 सौ रु की वसूली की अनुशंसा.. 

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना जिला कोरिया अंतर्गत जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत सोरगा में डबरी निर्माण कार्य मे भारी अनियमितता उजागर हुई है।
लोकपाल जिला पंचायत कोरिया मलखान सिंह ने बताया कि – प्रकरण में शिकायत के आधार पर मेरे द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध करने के बाद ग्राम पंचायत के पदाधिकारी अर्थात अनावेदक गणों को नोटिस जारी किया गया जिसमें आवेदक गणों के द्वारा दस्तावेजों के जवाब प्रस्तुत किया गया जिसमें अनावेदक क्रमांक 2 उपसरपंच राजेश कुशवाहा के द्वारा प्रकरण के अंतिम निराकरण तक कोई दस्तावेज या लिखित जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया जबकि कार्यालय के द्वारा आवेदक क्रमांक 2 को नोटिस जारी किया गया था जो की तामील होकर वापस आया अनावेदक क्रमांक 3 एवं 4 के द्वारा अपना-अपना जवाब प्रस्तुत किया गया जिसमें बताया गया कि मनरेगा योजना के तहत हितग्राही रामवृक्ष आत्मक सुबरन के नाम पर सत्र 2023 – 24 में डबरी निर्माण स्वीकृत किया गया है जो की प्रगति पर है और वर्तमान में पूर्ण हो चुका है इस संबंध में मेरे द्वारा स्थल पर जाकर स्थल निरीक्षण कर स्थल पर उपस्थित गवाहों का बयान दर्ज कर पंचनामा भी तैयार किया गया पश्चात मेरे द्वारा पुनः स्थल निरीक्षण ग्राम वासियों के समक्ष स्थल निरीक्षण कर पुनः पंचनामा तैयार किया गया जिसमें अम्मये लाल सिंह अशोक सिंह जवाहर चंद्रशेखर सरपंच ग्राम पंचायत सोरगा उपस्थित होकर अपना संयुक्त बयान देकर बताएं कि उक्त डबरी निर्माण कार्य 3 सप्ताह मजदूरों के द्वारा कार्य किया गया इसके बाद अनावेदक क्रमांक 2 उपसरपंच राजेश कुशवाहा के द्वारा जेसीबी मशीन से कार्य कर डबरी निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया तथा तीन सप्ताह के बाद का मास्टर रोल फर्जी व बनावट बनावटी है मेरे द्वारा प्रस्तुत समस्त दस्तावेजों का अवलोकन किया गया जिसमें पाया गया कि मनरेगा कार्य में जेसीबी मशीन चलाने का किसी भी उच्च अधिकारी का कोई अनुमति नहीं है जबकि कठोर पत्थर आने पर तथा जो कार्य किसी भी हालत में मजदूरों से संभव नहीं है ऐसी विशेष परिस्थिति में अनुमति से जेसीबी मशीन लगाने का प्रावधान है किंतु उक्त प्रकरण में या कहीं भी दर्शित नहीं है इस प्रकार प्रस्तुत दस्तावेजों का प्रयोग किया गया है इस प्रकार में यह प्रमाणित पाता हूं की हितग्राही रामवृक्ष आत्मा सुबरन के डबरी निर्माण में फर्जी फर्जी मास्टर रोल का संधारण कर अनियमितता की गई है।
प्रकरण में अनावेदक गानों के जवाब से यह स्पष्ट है की हितग्राही रामवृक्ष आत्माज सुबरन का मनरेगा योजना के तहत अनावेदक गणों के द्वारा संयुक्त व पृथक पृथक रूप से सहयोग करके डबरी निर्माण का कार्य कराया गया है अनावेदक क्रमांक 3 और 4 के द्वारा नोटिस के जवाब में तथा स्थल पर उपस्थित होकर अपने बयान में स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि डबरी निर्माण कार्य में तीन सप्ताह ही मजदूरों के द्वारा कार्य किया गया है शेष कार्य अनावेदक क्रमांक 2 के द्वारा स्वयं से जेसीबी मशीन लगाकर पूर्ण कराया गया है इससे यह स्पष्ट होता है कि उक्त डबरी निर्माण कार्य में मास्टर रोल के साथ छेड़खानी कर जेसीबी मशीन से अनावेदक क्रमांक 2 उपसरपंच ग्राम पंचायत सोरगा राजेश कुशवाहा के द्वारा अनियमित किया गया है तथा उक्त राशि अपने हित में उपयोग किया गया है यदि मजदूरी राशि 229000 में से आधी राशि 114500 को भी सही मास्टर रोल से भुगतान किया जाना माना जाए तो 1,14,500 वसूली योग्य राशि है जिसमें अनावेदक क्रमांक 2 से वसूल किया जाना न्याय हित में आवश्यक है। जिससे कि भविष्य में मनरेगा मजदूरों का जायज हक किसी भी जनप्रतिनिधियों के द्वारा ना मारा जाए और उनका शोषण होने से रोका जा सके क्योंकि इससे मनरेगा मजदूरों का आर्थिक क्षति होती है इस प्रकार में या प्रमाणित करता हूं कि उक्त कृत्य करके समस्त अनावेदक गणों में अनावेदक क्रमांक 2 उप सरपंच सोरगा राजेश कुशवाहा ही मुख्य से दोषी हैं। 90 दिवस के अंदर राशि जमा करने की अनुशंसा।

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