लोकल कोरिया न्यूज़ की खबर औऱ 24 घंटे के भीतर मझगवां गांव की खराब सोलर लाइट सुधारी गई..

एक बार फिर से लोकल कोरिया की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। जहाँ सोनहत विकास खण्ड के ग्राम पंचायत कछाड़ी के आश्रित गांव मझगवां में 3 महीने से सोलर लाइट और पम्प खबर थे । इस अंतराल में ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से गुहार लगाई लेकिन किसी ने नही सुनी। लोकल कोरिया न्यूज़ की टीम को जानकारी मिलते ही अधिकारियों के संज्ञान लाते हुए प्रमुखतः से लोकल कोरिया न्यूज़ में खबर को प्रसारित किया जिसका असर 24 घण्टे में ही सोलर लाइट को सुधारा गया । लोकल कोरिया की टीम को लाइट सुधारे जाने की खबर मिली और पूरी टीम गद गद हो गई जो तीन महीने में नही हुआ वो 24 घंटे में लोकल कोरिया की खबर ने कर दिखाया । हम उन सम्बंधित अधिकारियों और सम्बंधित कर्मचारियों का भी धन्यवाद करते है। जिन्होंने खबर के बाद सक्रियता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर खराब सोलर लाइट को सुधरवाने का कार्य किया ।

यह थी खबर

तीन माह से खराब सोलर पंप और लाइट, विभाग की लापरवाही से अंधेरे में जी रहे मझगवां के ग्रामीण

कोरिया जिले के सोनहत विकासखण्ड के बीहड़ वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम पंचायत कछाड़ी के आश्रित ग्राम मझगवां के ग्रामीण बीते तीन महीनों से अंधेरे में जीवन बिता रहे हैं। गांव में स्थापित सोलर पंप और सोलर लाइटें लंबे समय से खराब हैं, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते अब तक उनकी मरम्मत नहीं की गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, खराब सोलर सिस्टम की जानकारी क्रेटा विभाग को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ। न तो विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, न ही किसी तरह की तकनीकी मरम्मत कराई गई।

सोलर लाइटें बंद होने से रात में पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहता है, वहीं सोलर पंप के खराब होने से पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। ग्रामीणों को दूर-दूर झरिया और नाले से पानी लाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों में सौर ऊर्जा से सुविधा पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। लगातार तीन माह से खराब पड़े उपकरण यह दर्शाते हैं कि विभाग ग्रामीण समस्याओं के प्रति कितने लापरवाह हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सोलर पंप और लाइटों की मरम्मत कराई जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और अंधेरे से निजात मिल पाए।

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