गहरी नींद से जागा पीडब्ल्यूडी विभाग जानलेवा गड्ढे पर बैरिकेट लगाकर की सुरक्षा व्यवस्था..

बैकुंठपुर। शहर के संजय नगर इलाके में निर्माणाधीन शासकीय आवास परिसर में भारी बारिश के चलते पानी से भरे गड्ढे को लेकर लोकल कोरिया न्यूज़ ने खबर प्रकाशित किया था जिसके बाद पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार गहरी नींद से जागे औऱ एहतियात बरतनी शुरू कर दी है। मौके पर खूंटे गाड़कर चारों ओर बैरिकेटिंग की गई तथा लाल फीता बांधकर सीमांकन किया गया। साथ ही, रात्रि में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उजाले की व्यवस्था भी कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे में गहराई अधिक है जिससे बच्चे, जानवर और राहगीर सभी खतरे में रहते थे। विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम फिलहाल राहत भरा है, लेकिन लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द गड्ढे को पाटा जाए या उचित सुरक्षा दीवार बनाई जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो। स्थानीय निवासी बोले बारिश के दिनों में गड्ढा और भी खतरनाक, जल्द स्थायी समाधान जरूरी।
यह थी खबर
रहवासी इलाके में मौत का गड्ढा-जिम्मेदारों की अनदेखी, कब जागेगा पीडब्ल्यूडी विभाग..
बैकुंठपुर ओड़गी संजर नगर में निर्माणाधीन शासकीय आवास के लिए खोदे गए गड्ढे में 10-15 फीट तक पानी, बच्चों और जानवरों की जान पर बन आई । तस्वीर में आपको एक बच्चा खेलता भी नजर आ रहा होगा । अपनी निगरानी में फोटो क्लिक के बाद हम ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बच्चे को वहाँ पर खेलने से रोका पर व्यवस्था दरुस्त करने और जिम्मेदारों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाने के लिए खबर जरूरी है।
बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत ओड़गी संजर नगर में बन रहे शासकीय आवास निर्माण के लिए पिछले एक साल से खोदे गए गड्ढे को जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार नजर अंदाज कर रहे हैं। अब मानसून के मौसम में यह गड्ढा हादसे का बड़ा कारण बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही में हुई बारिश के कारण इस गड्ढे में 10 से 15 फीट तक पानी भर गया है। यह पूरा इलाका घनी आबादी वाला है, जहां छोटे-छोटे बच्चे और मवेशी रोजाना खेलते-घूमते रहते हैं।
लोगों का कहना है कि शासकीय निर्माण कार्य की आड़ में ठेकेदार और विभागीय अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। सड़क के बिल्कुल किनारे, लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही के बीच इस तरह का गड्ढा खोद देना और उसे खुला छोड़ देना किसी भी बड़े हादसे को न्योता देना है। लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई फिक्र नजर नहीं आ रही है।
निर्माण प्रगति पर, पर सुरक्षा व्यवस्था शून्य
वर्तमान में शासकीय आवास का निर्माण कार्य जारी है। भारी मशीन, ईंट, गिट्टी, बालू सहित निर्माण सामग्री भी मौके पर पड़ी है, लेकिन खोदे गए बेकार गड्ढों को भरवाने का कोई प्रयास नहीं हो रहा। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी और ठेकेदार की लापरवाही किसी की भी जान ले सकती है। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द से जल्द इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पहले भी ले चुकी है मासूम की जान
गौरतलब है कि पूर्व में इसी तरह ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों के लिए खोदे गए गड्ढे में जलभराव के चलते एक बच्चे की मौत हो चुकी है। खेलते समय वह बच्चा पानी भरे गड्ढे में गिर गया था और उसे बचाया नहीं जा सका। उस समय कोरिया कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और पंचायत को सख्त निर्देश दिए थे कि भविष्य में ऐसी लापरवाहियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन वर्तमान हालात देख कर लगता है कि अधिकारी उन आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं।
प्रशासन को दी चुनौती
स्थानीय रहवासियों ने कहा कि शासकीय कामों के नाम पर ठेकेदार और कर्मचारी नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं और प्रशासन को भी चुनौती दे रहे हैं। खुलेआम सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है।
लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस जानलेवा गड्ढे को तुरंत भरा जाए या बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब जागता है और हादसे से पहले क्या ठोस कदम उठाया जाता है।




